14 जनवरी 2026 को एक ऐसा दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है, जो पिछले कई वर्षों में नहीं देखा गया। इस दिन मकर संक्रांति के साथ-साथ षट्तिला एकादशी भी पड़ रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह संयोग लगभग 11 से 23 वर्षों बाद बन रहा है (विभिन्न स्रोतों में समय अंतर थोड़ा भिन्न बताया गया है)।
इस विशेष दिन पर सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल व शक्तिशाली अवसर मिल रहा है।
यह दुर्लभ संयोग क्यों खास है?
- मकर संक्रांति – सूर्य का उत्तरायण प्रवेश, नई शुरुआत, फसल उत्सव और पुण्य का द्वार
- षट्तिला एकादशी – भगवान विष्णु को समर्पित व्रत, जो पाप नाशक और मोक्षदायी माना जाता है
- दोनों का एक साथ पड़ना – पुण्य फल कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन किया गया स्नान, दान, जप और भक्ति अक्षय फल प्रदान करता है।
14 जनवरी 2026 को क्या करें? सबसे सरल और शक्तिशाली उपाय
इस दिन ज्यादा जटिल अनुष्ठान करने की आवश्यकता नहीं। बस ये आसान उपाय अवश्य करें:
- सुबह उठकर सफेद तिल युक्त स्नान
- नहाने के पानी में सफेद तिल डालें।
- इससे स्नान करने से शरीर और मन दोनों की शुद्धि होती है।
- सभी प्रकार के नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं।
- भगवान विष्णु को तिल-गुड़ का भोग लगाएं
- तिल और गुड़ मिलाकर नैवेद्य तैयार करें।
- भगवान विष्णु के सामने रखकर भोग लगाएं।
- मंत्र जाप
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः
- इस मंत्र का मन ही मन या जप माला से जाप करें।
- जितना अधिक कर सकें, उतना बेहतर।
इन सरल उपायों से:
- पिछले जन्मों के पाप नष्ट होते हैं
- कार्यों में बाधाएं दूर होती हैं
- शीघ्र ही कार्य सिद्ध होने लगते हैं
- भगवान विष्णु की कृपा से उद्धार की प्राप्ति होती है
महत्वपूर्ण बातें ध्यान रखें
- इस दिन एकादशी होने के कारण चावल और खिचड़ी से बनी चीजों का सेवन या दान नहीं करना चाहिए (एकादशी नियमों के अनुसार)।
- तिल का विशेष महत्व है, इसलिए तिल का दान, तिल से बने मिष्ठान का प्रसाद और तिल युक्त स्नान अवश्य करें।
- व्रत पारण का समय – 15 जनवरी 2026 सुबह (स्थानीय पंचांग के अनुसार लगभग 7:00 से 9:30 बजे तक)।
यह दिन आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सुनहरा अवसर है। इस दुर्लभ संयोग का लाभ उठाएं और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करें।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः जय श्री हरि! 🌞🙏
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